Saturday, 2 March 2019

झारखण्ड के रांची हटिया रेलवे डाक्टर की लापरवाही से एक नवजात की मौत होने के सम्बन्ध में





सेवा में 
श्रीमान अध्यक्ष महोदय 
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग नई दिल्ली 

विषय :- झारखण्ड के रांची हटिया रेलवे डाक्टर की लापरवाही से एक नवजात की मौत होने के सम्बन्ध में 
महोदय 
हम आपका ध्यान झारखण्ड के रांची जिला हटिया रेलवे स्टेशन की और आकृष्ट कराना चाहूँगा जहा पर एक महिला इन्द्रमणि को प्रसव पीड़ा हुआ जिसकी सुचना रेलवे डाक्टर को तुरंत दिया गया परन्तु डाक्टर समय पर नहीं पहुचे जिससे उसके नवजात बच्चे की मौत हो गई! जिसके बाद उसे स्वास्थ्य सुविधा के लिए सदर अस्पताल रांची भेजा गया वहा भी डाक्टरो ने उसके साथ अमानवीय वर्ताव किया! यह खबर देनिक अख़बार भास्कर में दिनांक 14 फरवरी 2019 को प्रकाशित की गई जिसका लिंक https://www.bhaskar.com/jharkhand/ranchi/news/ranchi-jharkhand-news-delivery-of-woman-in-moving-train-6022786.html संलग्न है! अतः महोदय से नम्र निवेदन है की उक्त मामले को संज्ञान में ले कर कार्यवाही करते हुए पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा भुगतान करते हुए दोषियों पर कार्यवाही करने की कृपा करे! रेल प्रशासन की लापरवाही व संवेदहीनता की वजह से एक प्रसूता की ट्रेन में प्रसव के दौरान नवजात की मौत हो गई। यह घटना बुधवार सुबह हटिया स्टेशन पर घटी। इंद्रमणि को स्लीपर क्लास की एस-8 बोगी में प्रसव पीड़ा उठी और बच्चे को जन्म दिया। इंद्रमणि के पति तेतरू के अनुसार- रेलवे को इसकी जानकारी दी गई। जवाब मिला- रांची स्टेशन पर डॉक्टर आएंगे और देख लेंगे। ट्रेन हटिया से रांची के लिए खुली। रास्ते में बच्चे की मौत हो गई। जब ट्रेन रांची स्टेशन पहुंची तो रेल डॉक्टर संजीव कुमार आए और इंद्रमणि की जांच करने के बाद उन्हें एंबुलेंस से सदर अस्पताल भेज दिया। एंबुलेंस पर ना तो नर्स थीं और ना ही कोई और। पति और ननद को उसमें बैठाकर अस्पताल भेज दिया। एंबुलेंस ड्राइवर सदर अस्पताल गेट पर पीड़िता को छोड़ भागा। दो घंटे तक पीड़िता अस्पताल परिसर में झोले में अपने बेटे के शव को लिए बैठी रही। जब मामला तूल पकड़ा तब दिन के 12 बजे रेल अस्पताल रांची से ड्रेसर श्याम देव को भेजा गया। उसके बाद उसने पीड़िता को सदर अस्पताल के लेबर वार्ड में भर्ती कराया। पूछने पर ड्रेसर श्याम देव ने कहा- रेल डॉक्टर संजीव ने भेजा है और कहा है कि देखकर आओ कि महिला को एडमिट किया गया है या नहीं। पूरी घटना सुबह 10 से 12 बजे के बीच की है। दो घंटे तक खोजे नहीं मिल रही थी प्रसूता जब घटना की जानकारी सदर अस्पताल की डॉक्टर किरण को हुई तो वे मीडिया के साथ लेबर वार्ड सहित सभी वार्ड में प्रसूता को खोजने गईं। करीब डेढ़ घंटे तक अस्पताल में खोजा गया, पर वह रिसेप्शन के पास कोने में कुर्सी पर बैठी मिली। साथ में दो झोले थे। जब पूछा गया कि बच्चा कहां है तो बोली- झोले में। महिला करीब दो घंटे तक झोले में नवजात को लेकर बैठी रही। तब तक भीड़ लग गई। डॉ किरण ने बताया कि बच्चे की मौत हो गई है। महिला की स्थिति ठीक नहीं है, लेकिन स्थिर है। उसकी कई जांच कराई जाएगी। उसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है। तमिलनाडु से पति और ननद के साथ गांव जाने को आ रही थी रांची इंद्रमणि देवी अपने पति तेतरू खरवार और ननद के साथ तमिलनाडु से रांची आ रही थी। तेतरू नारियल की फैक्ट्री में काम करता है। उसने बताया कि वह मदद मांगने स्टेशन गया था। हालांकि उसे कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था कि करे तो क्या करे। उसकी स्थिति ऐसी थी कि मुंह से बोली नहीं निकल रही थी। रेलवे ने कहा: एटेंड किया था महिला को हटिया स्टेशन और रांची रेलवे स्टेशन पर रेल डाॅक्टर ने पीड़िता को अटेंड किया है। हमारे पास फिलहाल यही जानकारी है। और जानकारी ली जा रही है, इसके बाद ही आपको बता सकते हैं कि आखिर क्या हुआ। - नीरज कुमार, सीपीआरओ, रांची।

Friday, 8 February 2019

झारखण्ड के कोडरमा जिला के विभिन्न क्षेत्रों में ट्रैफिक पुलिस नही रहने के कारण कुल 138 सड़क दुर्घटना में 93 लोगों की मौत और 87 लोग गम्भीर घायल के साथ 23 लोग घायल होने के संबंध में ।

सेवा में
श्रीमान अध्यक्ष महोदय
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग नई दिल्ली

विषय:- झारखण्ड के कोडरमा जिला के विभिन्न क्षेत्रों में ट्रैफिक पुलिस नही रहने के कारण कुल 138 सड़क दुर्घटना में 93 लोगों की मौत और 87 लोग गम्भीर घायल के साथ 23 लोग घायल होने के संबंध में ।

महोदय
हम आपका ध्यान झारखण्ड के कोडरमा जिला की ओर आकृष्ठ कराना चाहूंगा जहाँ पर वर्ष 2018 में कुल 138 सड़क दुर्घटना में 93 लोगो की मौत के साथ 87 लोग गम्भीर रूप से घायल हुए साथ ही 23 लोग घायल हुए। महोदय ज्ञात हो कि कोडरमा के सड़को पर 365 दिन 24 घंटे कोई ट्रैफिक पुलिस नही रहती है जिसके कारण कोडरमा के घनी आबादी वाले इलाके में काफी रफ़्तार गति से भारी वाहन जैसे दस चक्का चौदह चक्का और हाइवा के अलावे अन्य गाड़ियों का चालन नाबालिक या गाड़ी के खलासी द्वारा किया जाता है। जिसमे अधिक ड्राइवरों के पास गाड़ी लाइसेंस नही है। और इसके अलावे शराब के नशे में भी गाड़ी का परिचालन किया जाता है। इस तरह सड़क सुरक्षा में जिला प्रशाशन की पहल नही की जाती। जब कोई सड़क दुर्घटना में मौत होता है तो अस्वासन दे कर सड़क जाम हटा लिया जाता है।
अतः महोदय से नम्र निवेदन है कि उक्त मामले को संज्ञना में लेते हुए दोषी पदाधिकारी पर कार्यवाही की जाए साथ ही सड़क दुर्घटना में मारे गए लोगो के परिजनों को उचित मुआवजा भुगतान कराया जाए। पूरे मामले में कार्यवाही की एक प्रति हमे भी उपलब्ध कराया जाए।
भवदीय
ओंकार विश्वकर्मा
मानवाधिकार कार्यकर्ता
शहीद चौक डोमचांच कोडरमा
संपर्क 9934520602

Saturday, 29 December 2018

झरखण्ड के रामगढ़ जिले के कुज्जु थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति को कुज्जु पुलिस द्वारा अवैध रूप से सूरज कुमार मेहता पिता शंकर मेहता को गिरफ्तार कर 20 से अधिक थाना में रखने के संबंध में

सेवा में
श्रीमान अध्यक्ष महोदय
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग नई दिल्ली

विषय :- झरखण्ड के रामगढ़ जिले के कुज्जु थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति को कुज्जु पुलिस द्वारा अवैध रूप से सूरज कुमार मेहता पिता शंकर मेहता को गिरफ्तार कर 20 से अधिक थाना में रखने के संबंध में

महोदय
हम आपका ध्यान झरखण्ड के रामगढ़ जिले के कुज्जु थाना की ओर आकृष्ठ कराना चाहूंगा जहाँ पर 4 दिसम्बर 2018 के शाम 4 बजे कुज्जु पुलिस द्वारा सूरज कुमार मेहता पिता शंकर मेहता को उसके घर से 7 की संख्या में पुलिस वाले उठा कर थाना ले आया । और उन्हें अवैध रूप से गिरफ्तार कर 20 दिन तक पुलिस हिरासत में रखा है।
अतः महोदय से नम्र निवेदन है कि उक्त मामले को गम्भीरत से लेते हुए पुलिस पर कार्यवाही की जाए साथ ही पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा भुगतान कराया जाए।
भवदीय
ओंकार विश्वकर्मा
मानवाधिकार कार्यकर्ता
शहीद चौक डोमचांच कोडरमा
झारखंड 825418
संपर्क 9934520602

झरखण्ड के रांची में अमित टोपनो नामक आदिवासी पत्रकार सह सामाजिक कार्यकर्ता की हत्या में मामले पर पुलिस द्वारा कार्यवाही नही करने के संबंध में

सेवा में
श्रीमान अध्यक्ष महोदय
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग नई दिल्ली

विषय: झरखण्ड के रांची में अमित टोपनो नामक आदिवासी पत्रकार सह सामाजिक कार्यकर्ता की हत्या में मामले पर पुलिस द्वारा कार्यवाही नही करने के संबंध में

महोदय
हम आपका ध्यान झरखण्ड के रांची जिले के डोरंडा थाना क्षेत्र में दिनांक 9 दिसम्बर के शाम को कर दी गई। यह ख़बर दिनांक 10 दिसम्बर को राज्य के विभन्न अखबारों में आने के बाद पूरे झरखण्ड में पत्रकार सदमे में आ गए। और इस मामले में कार्यवाही की मांग बढ़ी। पर राज्य की पुलिस इस मामले पर गम्भीर हो कर काम नही किया। जिस कारण आज इस पूरे मामले पर 20 दिन से अधिक गुजर गया पर कोई खुलाशा नही की गई है। इस तरह मानवाधिकार कार्यकर्ताओ के ऊपर हो रहे हमले पर पुलिस द्वारा गम्भीरता से न ले कर कार्यवाही न करना पुलिस के कार्य पर सवालिया निशान लगाता है। विभन्न अखबारों में प्रकाशित ख़बर की लिंक संलग्न है। https://www.ajayabharat.com/post/2560
https://hindi.sabrangindia.in/article/journalist-amit-topno-killed-in-jharkhand
http://mepaper.livehindustan.com/epaper/Jharkhand/Ranchi/2018-12-20/127/Page-2.html#
https://newswing.com/amit-toppo-who-was-driving-ola-cab-after-leaving-journalism-found-dead-family-and-friend-say-he-has-been-killed/80707/
अतः महोदय से नम्र निवेदन है कि उक्त मामले को गम्भीरत से लेते हुए पूरे मामले की निस्पक्ष जांच करवाते हुए तत्काल पूरे मामले पर खुलाशा करवाया जाए और दोषियों पर कानूनी कार्यवाही करते हुए पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा भुगतान करवाने की कृपा की जाए। पूरे मामले में कार्यवाही की एक प्रति हमे भी उपलब्ध कराया जाए।
भवदीय
ओंकार विश्वकर्मा
मानवाधिकार कार्यकर्ता
शहीद चौक डोमचांच कोडरमा।
झरखण्ड 825418
संपर्क 9934520602

Wednesday, 12 December 2018

Nutrition Month award open poles for the adoption of the child in the village only malnourished


Nutrition Month, on paper, received 11 award for Koderma District 


Koderma: Five malnourished children in the remote Panchayat Masanodih village, Georidih Birhor Tola of Domchanch block was found during the investigation, in which one child was found very malnourished! 


The Central Women's Child Development Ministry, New Delhi had organized a nutrition month campaign from 1st to 30th September, in which the Deputy Leader of the Kodrma Bhoomesh Pratap Singh Award for Best Leadership and the other 10 people in the Nutrition Month Campaign 11 Awards in Koderma District Prize was awarded in Delhi! But the ground reality is that for adoption of the honorable Deputy Commissioner, there is a lot of malnourished children in the village. A few days ago, under the Navalshahi police station, the death of the one-year-old child died in the frost, the Nutrition Month Campaign award opened! In VaniMoh, where more than half a dozen children were found, malnourished, the development officer of the block, Manish Kumar said about six months to rejuvenate Windhoil!

Nearly half a dozen malnourished children received supervision of malnutrition investigation  

Supervisor Poonam Kumari, who went to investigate the malnourished child in the remote panchayat Masanodih village Gioridih Birhor Tola, on the instructions of Block Development Officer Domchanch, arrivals of more than half, Majnu Birhoni, Kisan during malnutrition of victims. Birhor, Paro Birhorani, Kundan Birhore, Chandan Birhore, and Paro Birhorani's one month old child were found to be malnutrition. Who was immediately sent by Referral Hospital Domchanch Supervisor Poonam Kumari from 108 Ambulance! On behalf of Anganwadi worker Kiran Devi, the supervisor said the development charity is not getting filled! In such a way, there will be no action against children's malnutrition records! At the same time, Assistant Suma Birhorani has strained the malignity of children in cleanliness! 

Nutrition for Anganwadi centers 

Meanwhile, Anganwadi workers of different blocks of Koderma district say that the pregnant mothers, grandmothers mothers, children from six months to three years and from the nutritional children from 8 months to the ready-to-eat


The point of view is that the nutrition is not distributing for eight months and the Deputy Commissioner of the district is celebrating the Nutrition Month and winning the Leadership award, when the distribution of nutrition is not done for eight months, then the Deputy Chief Minister is the only food on paper After the month, he went to Delhi to take this award, where the Chief Minister was called by Ranchi and the bench was paused and the further extent when education minister winner in the Koderma contest The award was given to the participants with an award of Rs. 11 thousand!    

In connection with the turning of 496 rooms of 220 School in Jharkhand's Gumla district as ruins

In service 
Sir sir
National Human Rights Commission New Delhi

Subject: In connection with the turning of 496 rooms of 220 School in Jharkhand's Gumla district as ruins 

Sir
We would like to focus your attention towards Gumla district of Jharkhand, where 496 rooms of 220 schools of entire district have become transformed into Khandahar. Go Anytime Can Fall. In this way, the reading work of reading in the university is greatly affected. This news was published in the daily newspaper Prabhat Khabar on 30 November 2018. Which is attached. 
Therefore, it is a humble request from the sir that in taking cognizance of the said matter, the repair work of all the schools should be done immediately and a copy of the proceedings should also be made available to us.
Yours faithfully
Omkar Vishwakarma
Human rights activist
Domchanch Koderma Jharkhand
Contact 9934520602

झारखण्ड राज्य में सरकार की लापरवाही से 11485 विद्यालयों में ताला लटकने के साथ बच्चो की पढ़ाई प्रभावित होने के संबंध में












In service 
Sir sir
National Human Rights Commission New Delhi

Subject: - Regarding affecting the education of children in the state of Jharkhand, in the absence of government, in 11485 schools hanging. 

Sir
We would like to focus your attention towards the state of Jharkhand, where the government's open negligence and adopting an irresponsible attitude towards education has locked the lock in 11485 schools in the entire state and the education system has completely broken. This news was published in daily newspaper Bhaskar on December 6, 2018. Which is attached.
Therefore, it is a humble request from the senior that taking this case seriously, the whole matter should be examined and proceeding on the culprits should also provide a copy of the proceedings in the whole case.
Yours faithfully
Omkar Vishwakarma
Human rights activist
Domchanch Koderma Jharkhand 
Contact 9934520602