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Monday, 11 September 2017

झारखण्ड के कोडरमा जिला के सतगावा थाना अंतर्गत इलाज के आभाव में 45 वर्षीय केदार राम की मौत हो जाने के सम्बन्ध म

सेवा में
श्रीमान अध्यक्ष महोदय
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग नई दिल्ली

विषय:- झारखण्ड के कोडरमा जिला के सतगावा थाना अंतर्गत इलाज के आभाव में 45 वर्षीय केदार राम की मौत हो जाने के सम्बन्ध में

महोदय
हम आपका ध्यान झारखण्ड के कोडरमा जिला के सतगावा थाना क्षेत्र की ओर आकृष्ट कराना चाहता हु। जहा पर गांगेडीह निवासी 45 वर्षीय केदार राम का इलाज के आभाव में मौत हो गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया की मरीज का बेहतर जाँच नहीं हो पाने के कारन मौत हो गया। यह खबर देनिक अख़बार हिंदुस्तान में 9 सितम्बर 2017 को प्रकाशित की गई जिसका लिंक http://m.livehindustan.com/jharkhand/kodarma/story-sadar-hospital-patient-death-commotion-1479567.html संलग्न है।
अतः महोदय से नम्र निवेदन है की उक्त मामले की न्यायिक जाँच कर दोषी पदाधिकारी पर कार्यवाही की जाए साथ ही प्रखंड स्वास्थ्य केंद्र में पैथोलोजी लेब के साथ 24 घंटे डाक्टर व् नर्स की व्यवस्था कराइ जाए। व् मृत परिवार को 5 लाख रुपया मुआवजा भुगतान कराइ जाए। कार्यवाही की एक प्रति हमें भी उपलब्ध कराइ जाए।

भवदीय
ओंकार विश्वकर्मा
मानवाधिकार कार्यकर्त्ता
डोमचांच कोडरमा झारखण्ड
संपर्क 9934520502

खबर विस्तार से

9 सितम्बर, 2017
सदर अस्पताल कोडरमा में गांगडीह निवासी 45 वर्षीय केदार राम की मौत इलाज के दौरान शुक्रवार की रात हो गई। इसके विरोध में केदार राम के परिजनों और ग्रामीणों ने शनिवार को सतगावां के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में शव को रखकर हंगामा किया। साथ ही मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन करते रहे। परिजनों ने आरोप लगाया कि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. चंद्रमोहन की लापरवाही के कारण केदार की मौत हुई है। लोगों का कहना था कि डॉक्टर अगर सही से इलाज करते, तो उसकी जान बच सकती थी। बता दें कि केदार आठ सितंबर को करीब नौ बजे ओपीडी में बुखार होने पर इलाज कराने आया था। यहां जांच में मलेरिया निगेटिव मिला। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में टायफाइड की जांच की सुविधा नहीं होने के कारण वह इलाज कराने कहीं और चला गया। दोपहर बाद करीब ढाई बजे वह केंद्र आया और कुछ भी दिखायी नहीं देने की बात कही। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. चंद्रमोहन कुमार ने तत्काल उसे कोडरमा रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसको लेकर परिजनों ने आक्रोश जताया। मुआवजे की मांग करनेवालों से बीडीओ श्वेता वेद, प्रभारी सीओ नारायण राम, थाना प्रभारी मदन प्रसाद खरवार ने बातचीत कर मामले को सुलझाया। प्रभारी सीओ नारायण राम ने मृतक की पत्नी कमली देवी को परिवारिक लाभ योजना के तहत 10 हजार रुपए नगद दिए। वहीं एक सप्ताह के अंदर प्रधानमंत्री आवास योजना और विधवा पेंशन योजना की लाभ देने की बात कही गई।

1 comment:

  1. अगर कोइ केस nhrc में दर्ज होता है तो blog में वो। भी पोस्ट करें

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